सावन में CM योगी के आदेशों की अनदेखी? कासगंज में चौकी के पीछे खुलेआम मछली-मांस की बिक्री का आरोप, शिकायत पर दरोगा के जवाब से उठे सवाल - Time TV Network

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सावन में CM योगी के आदेशों की अनदेखी? कासगंज में चौकी के पीछे खुलेआम मछली-मांस की बिक्री का आरोप, शिकायत पर दरोगा के जवाब से उठे सवाल

 कासगंज। 

             सावन के पवित्र माह में मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री को लेकर प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के बीच कासगंज में नियमों के पालन पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिकंदराराऊ रोड स्थित मोहनपुरा चौकी के पीछे टीकमपुरा क्षेत्र में खुलेआम मछली और मीट काटकर बेचा जा रहा है।


कासगंज में श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग पहले ही होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों को मांस, मछली और अंडा न परोसने के निर्देश जारी कर चुका है।  वहीं पिछले वर्ष कासगंज में कांवड़ मार्गों पर मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी। 


शिकायत लेकर चौकी पहुंचे स्थानीय लोग, कार्रवाई के बजाय मिला कथित जवाब

स्थानीय लोगों के मुताबिक, जब उन्हें टीकमपुरा में खुलेआम मछली-मांस काटे जाने की जानकारी मिली तो उन्होंने मोहनपुरा पुलिस चौकी पहुंचकर इसकी शिकायत की।

लोगों का आरोप है कि वहां मौजूद एक दरोगा ने कथित तौर पर कहा कि "हमें पता है, कटने दो, हम क्या कर सकते हैं। लिखित तहरीर दो तो कार्रवाई होगी, नहीं तो हमें कोई मतलब नहीं।"


हालांकि, इस कथित बातचीत की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मामला लिखित शिकायत तक ले जाने पर क्षेत्र में विवाद की स्थिति पैदा होने की आशंका थी, इसलिए उन्होंने तहरीर नहीं दी। आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मी ने उन्हें फटकार लगाकर वहां से वापस भेज दिया।



चौकी के पीछे ही चल रहा है कारोबार, फिर निगरानी किसकी?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि स्थानीय लोगों के आरोप सही हैं और मोहनपुरा चौकी के पीछे ही खुलेआम मछली-मांस काटकर बिक्री की जा रही है, तो पुलिस और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

कासगंज में श्रावण मास को लेकर प्रशासनिक स्तर पर खाद्य सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी होने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से मौके पर तत्काल जांच कराने की मांग की है। 


स्थानीय लोगों की मांग—मौके पर जांच हो, CCTV खंगाले जाएं

स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए टीकमपुरा मौके पर टीम भेजी जाए, वहां मछली-मांस की बिक्री की स्थिति की जांच की जाए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।


साथ ही लोगों ने यह भी मांग की है कि मोहनपुरा चौकी पर की गई शिकायत और पुलिस की प्रतिक्रिया की भी जांच हो, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि शिकायत के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

अब सवाल सीधे प्रशासन से है—अगर नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो कार्रवाई कब होगी? और अगर आरोप गलत हैं तो मौके पर जांच कर सच्चाई सामने क्यों नहीं लाई जाती?


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