मारहरा।
मारहरा क्षेत्र के भावन नगर गांव में खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव में रामा नाम का एक व्यक्ति कथित तौर पर बिना आवश्यक अनुमति/लाइसेंस के सफेद छेने के रसगुल्ले तैयार करने का काम कर रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रसगुल्ले तैयार करने के दौरान स्वच्छता के मानकों का कथित रूप से पालन नहीं किया जाता। निर्माण स्थल पर साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के रखरखाव और तैयार मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि रसगुल्लों को तैयार करने में कुछ रासायनिक पदार्थों के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। हालांकि इन पदार्थों की वास्तविकता और उनकी मात्रा की पुष्टि खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच और लैब रिपोर्ट के बाद ही हो सकती है।
आखिर किसकी निगरानी में बन रही है मिठाई?
अगर बिना लाइसेंस या खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन किए बड़ी मात्रा में मिठाइयों का निर्माण और बिक्री हो रही है, तो यह आम लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला हो सकता है।
ग्रामीणों की मांग है कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर निर्माण स्थल का निरीक्षण करे, मिठाइयों और इस्तेमाल होने वाली सामग्री के नमूने लेकर अधिकृत लैब में जांच कराए तथा लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच करे।
यदि जांच में मिलावट, प्रतिबंधित पदार्थों का इस्तेमाल या खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।



