हरे पेड़ों को दीमक की तरह चाट रहे लकड़ी माफिया , बिभाग बना बैठा अनभिज्ञ , ग्रामीण उठा रहे सवाल। - Time TV Network

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हरे पेड़ों को दीमक की तरह चाट रहे लकड़ी माफिया , बिभाग बना बैठा अनभिज्ञ , ग्रामीण उठा रहे सवाल।

पर्यावरण को किस तरह नष्ट कर रहे लकड़ी माफिया , बिभाग क्यों बना बैठा नादान।

 नपद कासगंज के थाना क्षेत्र सहावर ,ब्लॉक अमांपुर में आने वाले गांव कौंडरा से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन और पर्यावरण संरक्षण के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यहां प्राइमरी स्कूल के पास प्रतिबंधित प्रजाति के लगभग 50 पेड़ों को बेरहमी से काट दिया गया, और अब इस पूरे मामले को दबाने के लिए कटे हुए पेड़ों की जड़ें भी उखाड़ कर सबूत मिटाने की कोशिश की जा रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध कटान के पीछे गांव के ही एक किसान और बाहरी ठेकेदार की मिलीभगत है। अगर समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो यह मामला जिले का सबसे बड़ा पर्यावरण घोटाला बन सकता है।


 हरियाली पर चला आरा, पर्यावरण को भारी नुकसान

गांव कौंडरा के लोगों के अनुसार, प्राइमरी स्कूल के आसपास कई वर्षों से खड़े कीमती और प्रतिबंधित प्रजाति के लगभग 50 पेड़ अचानक रातों-रात काट दिए गए।

ये पेड़ न केवल गांव की पहचान थे बल्कि गर्मी में बच्चों और ग्रामीणों को छाया और स्वच्छ हवा देने का काम करते थे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पेड़ों की कटाई शुरू हुई तो कुछ ग्रामीणों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन ठेकेदार और उसके लोगों ने दबंगई दिखाते हुए कटान जारी रखा।

सबूत मिटाने की कोशिश, जड़ें भी उखाड़ी जा रहीं

मामला यहीं खत्म नहीं हुआ।

ग्रामीणों का आरोप है कि जब इस अवैध कटान की चर्चा गांव में फैलने लगी और प्रशासन तक खबर पहुंचने की संभावना बनी, तो कटे हुए पेड़ों की जड़ों को भी जेसीबी और मजदूरों से उखाड़ कर मिटाया जा रहा है।

इसका मकसद साफ है –

1- ताकि मौके पर पेड़ों के कटान का कोई ठोस सबूत न बच सके।

2- और जांच के दौरान यह साबित न हो पाए कि यहां इतने बड़े पैमाने पर पेड़ काटे गए थे।

 कौन है इस पूरे खेल का मुख्य किरदार?

ग्रामीणों के मुताबिक इस पूरे मामले में मुख्य रूप से दो नाम सामने आ रहे हैं 

1- किसान 

ठाकुर इंद्रवीर सिंह, निवासी ढकपुरा

2- ठेकेदार 

नन्नू, निवासी नगला समस, थाना कासगंज

ग्रामीणों का आरोप है कि इन दोनों की मिलीभगत से पेड़ों का अवैध कटान कराया गया और लकड़ी को रातों-रात ट्रैक्टर और गाड़ियों में भरकर कहीं और भेज दिया गया।


 स्कूल के पास कटे पेड़, बच्चों पर भी असर

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा कटान प्राइमरी स्कूल के पास किया गया है।

जहां रोज सैकड़ों बच्चे पढ़ने आते हैं …इन पेड़ों के कटने से अब

बच्चों को तेज धूप में बैठना पड़ सकता है,

स्कूल परिसर का तापमान बढ़ जाएगा,

और गांव का पर्यावरण भी प्रभावित होगा।

ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ों की छाया में बच्चे खेलते थे और पढ़ाई के दौरान उन्हें राहत मिलती थी। अब वहां सिर्फ सूखी जमीन और उजड़ा हुआ मैदान दिखाई दे रहा है।

 ग्रामीणों में भारी आक्रोश

जब यह खबर पूरे गांव में फैली तो लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई नहीं की तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

एक ग्रामीण ने कहा 

यह सिर्फ पेड़ों की कटाई नहीं है, यह हमारे गांव की हरियाली की हत्या है। अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो हम चुप नहीं बैठेंगे।

 कानून क्या कहता है?

भारत में प्रतिबंधित और संरक्षित पेड़ों को बिना अनुमति काटना अपराध माना जाता है।

इसके लिए दोषी व्यक्ति पर 

भारी जुर्माना

जेल की सजा

और वन अधिनियम के तहत मुकदमा

दर्ज किया जा सकता है।

अगर जांच में यह साबित हो जाता है कि पेड़ों का कटान अवैध था, तो इस मामले में वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई हो सकती है।

 बड़ा सवाल – क्या प्रशासन को पहले से थी जानकारी?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इतने बड़े पैमाने पर 50 पेड़ों का कटान हो गया और प्रशासन को भनक तक नहीं लगी?

क्या वन विभाग को इसकी जानकारी थी?

क्या किसी प्रकार की अनुमति ली गई थी?

अगर नहीं, तो इतनी बड़ी कटाई कैसे हो गई?

ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब अब प्रशासन को देना होगा।

 प्रशासन से कार्रवाई की मांग

गांव के लोगों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि 

1- तुरंत मौके पर जांच कराई जाए

2- कटे हुए पेड़ों की गिनती कराई जाए

3- दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो

4- और गांव में दोबारा पेड़ लगाने का अभियान चलाया जाए

 अगर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वे

जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करेंगे

और बड़े स्तर पर धरना प्रदर्शन करेंगे।

 टाइम टीवी न्यूज़ की अपील

टाइम टीवी न्यूज़ प्रशासन से मांग करता है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति पर्यावरण के साथ इस तरह खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।

 कासगंज से यह बड़ी खबर…

अगर आपके आसपास भी इस तरह की कोई घटना हो रही है तो उसकी जानकारी हमें दें।

टाइम टीवी न्यूज़ सच दिखाने का काम लगातार करता रहेगा।

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