सहावर तहसील के करसाने गांव में गरीब परिवार की 35 बीसे जमीन पर कब्जे का आरोप, जान से मारने और गांव से भगाने की धमकी… प्रशासन से न्याय की उम्मीद।
दबंगों का दबदबा या कानून का राज?
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार लगातार सख्त कार्रवाई की बात करती है। अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ बुलडोजर चलाने से लेकर गैंगस्टर एक्ट तक की कार्रवाई देखने को मिलती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बार-बार मंचों से यह कहते नजर आते हैं कि प्रदेश में अब “कानून का राज” है और गरीब, कमजोर तथा पीड़ित को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।
लेकिन जमीन पर हकीकत कई बार इन दावों से अलग दिखाई देती है। कुछ ऐसे मामले सामने आते हैं जो यह सवाल खड़ा कर देते हैं कि आखिर दबंगों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं?
ताजा मामला जनपद कासगंज से सामने आया है, जहां एक गरीब परिवार ने गांव के ही कुछ दबंगों पर उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार अब न्याय के लिए जिलाधिकारी के दरवाजे तक पहुंच चुका है और प्रशासन से गुहार लगा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला जनपद कासगंज की तहसील सहावर, थाना अमांपुर क्षेत्र के गांव करसाने का बताया जा रहा है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि गांव के ही कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोगों ने उनकी पुश्तैनी जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया है। परिवार का आरोप है कि दबंग लोग अपनी ताकत और धमकियों के बल पर न सिर्फ जमीन पर कब्जा जमाए हुए हैं बल्कि उन्हें गांव से ही बेदखल करने की साजिश भी रच रहे हैं।
पीड़ितों के मुताबिक यह जमीन उनके परिवार की पुश्तैनी संपत्ति है। पहले परिवार के कुछ सदस्यों ने लगभग 7 बीसे जमीन बेच दी थी, लेकिन करीब 35 बीसे जमीन अभी भी परिवार के पास थी। इसी बची हुई जमीन पर दबंगों ने जबरन कब्जा कर लिया।
परिवार का कहना है कि कई बार समझाने और बातचीत करने की कोशिश की गई लेकिन दबंगों ने साफ शब्दों में कह दिया कि अब जमीन उनकी है और वह किसी भी कीमत पर इसे वापस नहीं करेंगे।
पीड़ित परिवार कौन है?
पीड़ित परिवार के अरशद शाह और भूरे शाह ने प्रशासन को लिखित शिकायत देकर बताया है कि उनकी जमीन पर गांव के ही कुछ प्रभावशाली लोगों ने कब्जा कर लिया है।
उनका कहना है कि उन्होंने इस मामले में कई बार स्थानीय स्तर पर बात करने की कोशिश की, लेकिन दबंगों के डर से कोई भी खुलकर उनके साथ खड़ा होने को तैयार नहीं है।
परिवार का कहना है कि अब उनकी आखिरी उम्मीद प्रशासन ही है।
किन लोगों पर लगा है कब्जे का आरोप?
पीड़ित परिवार ने अपनी शिकायत में जिन लोगों के नाम बताए हैं, उनमें शामिल हैं
आशिफ खान पुत्र लइकउर रहमान
गयूर खान पुत्र अमीर उल हुदा खान
पप्पू खान पुत्र कस्फुल हुदा खान
मुहम्मद खान पुत्र मजहरुल हुदा खान
पीड़ितों का कहना है कि इन सभी लोगों ने मिलकर उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है।
परिवार का आरोप है कि ये लोग गांव में काफी दबंग माने जाते हैं और अपने प्रभाव के दम पर किसी की भी बात नहीं सुनते।
धमकियों से सहमा परिवार
पीड़ित परिवार ने अपनी शिकायत में यह भी बताया है कि जब उन्होंने जमीन वापस करने की बात कही तो दबंगों ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया।
पीड़ितों के अनुसार दबंगों ने कहा
चाहे जितना पैसा खर्च हो जाए, चाहे पुलिस को कितना भी पैसा देना पड़े… जमीन नहीं छोड़ेंगे।
परिवार का आरोप है कि उन्हें यह भी धमकी दी गई कि अगर ज्यादा आवाज उठाई तो उन्हें गांव से निकाल दिया जाएगा और जान से मार दिया जाएगा।
इन धमकियों के बाद पूरा परिवार डरा और सहमा हुआ है।
महिला पर भी गंभीर आरोप
पीड़ित परिवार ने अपनी शिकायत में एक महिला का भी जिक्र किया है।
परिवार का कहना है कि आशिया पत्नी रहुफ खान नाम की महिला ने भी उनकी जमीन पर खूंटा गाड़ दिया है।
पीड़ितों का आरोप है कि उस जमीन से उस महिला का कोई लेना-देना नहीं है, फिर भी उसने वहां कब्जे के लिए खूंटे लगा दिए हैं।
जब परिवार ने महिला से खूंटा हटाने के लिए कहा तो उसने कथित तौर पर जवाब दिया
खूंटा नहीं हटेगा… ज्यादा किया तो छेड़छाड़ का केस लगवाकर अंदर करा दूंगी।
इस धमकी के बाद परिवार और ज्यादा डर गया।
चारों तरफ से घिरा हुआ है परिवार
पीड़ितों का कहना है कि दबंगों के डर से गांव में कोई भी खुलकर उनके पक्ष में बोलने को तैयार नहीं है।
परिवार का आरोप है कि दबंग लोग बार-बार उन्हें डराते हैं और कहते हैं कि
जमीन अब उनकी हो चुकी है
चाहे जितना खर्च हो जाए, वे जमीन नहीं छोड़ेंगे
ज्यादा आवाज उठाई तो गांव में रहने नहीं देंगे
ऐसे माहौल में पीड़ित परिवार खुद को चारों तरफ से घिरा हुआ महसूस कर रहा है।
जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा परिवार
लगातार मिल रही धमकियों और जमीन पर कब्जे के बाद आखिरकार पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया।
अरशद शाह और भूरे शाह जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और वहां लिखित शिकायत पत्र देकर न्याय की मांग की।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि
उनकी जमीन से अवैध कब्जा हटाया जाए
दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए
उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
परिवार का कहना है कि अगर प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं करता तो उनके साथ कोई भी बड़ी घटना हो सकती है।
क्या प्रशासन करेगा कार्रवाई?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इस मामले में तुरंत कार्रवाई करेगा?
क्योंकि मामला सिर्फ जमीन कब्जे का नहीं बल्कि एक गरीब परिवार की सुरक्षा और न्याय से भी जुड़ा हुआ है।
अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो प्रशासन को चाहिए कि:
जमीन की पैमाइश कराई जाए
अवैध कब्जा हटाया जाए
आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो
ताकि भविष्य में कोई भी दबंग गरीब की जमीन पर कब्जा करने की हिम्मत न कर सके।
गांव में चर्चा का विषय बना मामला
गांव करसाने में यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।
कुछ ग्रामीणों का कहना है कि जमीन को लेकर गांव में पहले भी विवाद होते रहे हैं, लेकिन इस बार मामला काफी गंभीर हो गया है क्योंकि इसमें धमकियों और कब्जे का आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों का मानना है कि अगर प्रशासन समय रहते इस विवाद का समाधान नहीं करता तो गांव में तनाव बढ़ सकता है।
सरकार के दावों पर सवाल
यह मामला एक बार फिर उस सवाल को जन्म देता है कि जब सरकार अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दावा कर रही है तो फिर दबंगों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं?
क्या स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही है?
या फिर दबंग लोग अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके कानून से बच निकलते हैं
इन सवालों का जवाब मिलना भी जरूरी है।
पीड़ित परिवार की आखिरी उम्मीद
इस समय पीड़ित परिवार की नजरें सिर्फ प्रशासन पर टिकी हुई हैं।
परिवार को उम्मीद है कि जिलाधिकारी उनकी शिकायत पर संज्ञान लेंगे और जल्द से जल्द न्याय दिलाएंगे।
अगर ऐसा होता है तो न सिर्फ इस परिवार को न्याय मिलेगा बल्कि यह संदेश भी जाएगा कि कानून से बड़ा कोई नहीं है।
क्या दबंगों पर चलेगा बुलडोजर?
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई काफी चर्चा में रही है।
ऐसे में लोग यह भी सवाल कर रहे हैं कि अगर किसी गरीब की जमीन पर अवैध कब्जा हुआ है तो क्या प्रशासन उस कब्जे को हटाने के लिए सख्त कदम उठाएगा?
अब सबकी निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
टाइम टी वी करेगा बड़ा खुलासा
यह मामला अभी जांच के दायरे में है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।
देखते रहिए…
टाइम टी वी न्यूज

