लालच इंसान को कैसे बना देता है हैवान ?
इंसान लालच में आकर कितना गिर जाता है कि किसी अंजाम की परवाह किये बिना किसी की भी मौत से खेल जाते हैं। कोई दौलत के लालच में तो कोई जमीन के लालच में जान ले बैठते हैं। वहीं बात करें तो अम्बेडकर नगर से एक ऐसा मामला साममी आया है जहां भावी और भतीजे ने मिलकर युवक की हत्या कर डाली। मौत को करंट लगने से हादसा दिखाने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार।
खून से लथपथ घर पर मिला युवक का शव ।
एक व्यक्ति अजय शुक्ला जिसे गब्बर के नाम से भी जाना जाता था जिसकी उम्र लगभग 45 साल की थी। जिसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। व्यक्ति की हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। परिवार में शोक की लहर आ गई। सुबह का समय था जब अजय का शव उसके ही घर पर खून से लथपथ पीडीए मिला था। जब परिजनों ने यह नजारा देखा तो हर किसी के पैरों तले जमीन खिसक गई।
पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का निरीक्षण कर तीन टीमों का किया गठन ।
अम्बेडकर नगर के मालीपुर क्षेत्र के तेंदुआ दियरा नामक गाँव में हुए हादसे का निरीक्षण करने जब एस पी प्राची सिंह पहुंची तो उन्होंने घटना का निरीक्षण कर जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया। और इतना ही नहीं एस पी ने चंद घण्टों में ही इस मर्डर की गुथी सुलझाकर खुलासा करने का दावा भी कर दिया।
जमीन के लालच में भावी भतीजे ने कर दी युवक के हत्या , पुलिस ने दी जानकारी।
किसी ने कहावत में कहा है कि जर जोरू जमीन जी का जंजाल होते है, लेकिन यहां तो जमीन के लालच ने युवक की जान ही लेली। भावी और भतीजे ने मिलकर जमीन के लिए युवक को मार डाला। ये घिनौना अपराध किसी और ने नहीं अपनों ने ही किया है । भावी सोनी शुक्ला और भतीजा अनिरुद्ध शुक्ला ने मिलकर इस बारदात को अंजाम दे दिया। अपराधियों ने दिमाग तो बहुत लगाया लेकिन बच नहीं पाए।
खूनियों ने कैसे घटना को दुर्घटना दिखाने के लिए चली चाल- नाकामयाब । पुलिस ने किये गिरफ्तार।
भावी भतीजे दोनों ने मिलकर इस बारदात को बड़ी सफाई से देने की कोशिश की । अजय को मौत के घाट उतारने के बाद उसके पैर में बिजली का करंट रहित तार बांध दिया ताकि सभी को यह घटना दुर्घटना लगने लगे। लेकिन इस साजिश में वह कामयाब नहीं हो पाए। पुलिस के हाथ बहुत लंबे होते हैं पुलिस से क्या कोई क्रिमनल बच पाया। वहीं दोनों आरोपी सोनी और अनिरुद्ध को पुलिस ने गिरफ्तार कर लाया है। और घटना में शामिल बताये जा रहे मृतक के भाई राजेश शुक्ला की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन कर दिया है ।
अजय की लाश मिली निर्माणाधीन मकान में । गांव में फैली सनसनी ।
गांव में ही एक निर्माणाधीन मकान था जिसके मुख्य दरवाजे के पास एक तख्त पीडीए हुआ था जिस पर लहूँ से सनी अजय की लाश पड़ी हुई थी। गले में गमछा और शरीर पर किसी धारदार हथियार से लगे चोट के निशान भी बने हुए थे। एक पैर के अंगूठे में बिजली का तार बंधा हुआ था जिसमें करंट दौड़ रहा था। गांव वालों ने बिजली का तार हटाने के बाद पुलिस को सूचना दी । सूचना मिलते ही तत्काल मैके पर पुलिस आ गई। तलाशने के बाद मौके पर किचन से एक धारदार हथियार व एक चाकू मिला जो खून से सना हुआ था।
मृतक अजय की बहिन उर्मिला ने थाने में दी तहरीर , पुलिस ने की रिपोर्ट दर्ज।
इस बेरहमी से हुए मर्डर की सूचना जब पुलिस अधीक्षक को मिली तो एस पी प्राची सिंह और सी ओ अनूप कुमार सिंह मौके बारदात पर पहुंच गए । और घटना स्थल का मौका मुआयना किया । इधर अजय की बहिन उर्मिला देवी ने थाने में लिखित तहरीर दे दी जिसके आधार पर इस हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। और पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई। जांच के दौरान पुलिस ने शक के आधार पर सोनी शुक्ला व अनिरूद्ध शुक्ला को हिरासत में ले लोए और पूछताछ शुरू कर दी । वहीं एस पी ने बताया कि पूछताछ के बाद दोनों ने हत्या में शामिल होने की बात कबूल कर ली है।
मृतक के बड़े भाई राजेश शुक्ला ने सूरत में रची थी भाई को मरवाने की साजिश।
अगर देखा जाए तो इस मर्डर का मास्टरमाइंड मृतक का भाई ही है। भाई ही बन गया भाई के लोए काल । और जमीन के लालच में आकर भाई में ही भाई का खून करबा दिया। जब भाई ही बना बैठा हो कातिल तो इस दुनिया में किस पर भरोसा किया जाए। चंद जमीन के लालच में भाई इतना गिर जाएगा कि भाई की जान का दुश्मन बन जायेगा ऐसा किसी ने सोचा भी ना होगा। भाई में सूरत में बैठकर ही सारा खेल रच डाला। अनिरुद्ध सत्रह अगस्त को अपनी मौसी के साथ गुजरात से लौटा था। अगले ही दिन अनिरुद्ध ने अजय से मुलाकात की। 19 अगस्त की रात को ही अनिरुद्ध अजय को दारू पिलाने के बहाने से आपने साथ नेमपुर घाट ले गया।
नशे की हालत में अजय के शरीर पर चाकुओं से बार कर उतारा मौत के घाट ।
पहले अजय को शराब पिलाई , अजय को भरोसा था कि मेरे साथ मेरे अपने हैं लेकिन उसे क्या पता था जो उसके साथ हैं वहीं उसकी मौत के दुश्मन हैं अजय को क्या पता था कि वह दिन उसकी जिंदगी का आखिरी दिन होगा । नेमपुर से लौटने के बाद अजय को नशे की हालत में किचन में ले गए । सिर पर चाकुओं से कई बार किये फिर गमछा से अजय का गला घौंट दिया। अजय पूरी तरह अचेत हो गया उसके बाद कातिलों ने उसे उठाकर वहीं पड़े तख्त पर लिटा दिया । और पैर में बिजली का तार बाधकर उसमे करंट छोड़ दिया । ताकि सबको यह एक हादसा लगे। मौत को एक हादसा का रूप देने के लिए कातिलों ने तार में करंट प्रवाहित किया था।







