जनपद एटा ,
योगी सरकार के आदेशों की एटा वनविभाग द्वारा की जा रही अवहेलना
जहां योगी सरकार का दावा है कि बृक्ष लगाओ पर्यावरण बचाओ उत्तर प्रदेश सरकार बृक्षारोपण में करोड़ों रुपये खर्च कर पर्यावरण बचाने का प्रयास कर रही है। वहीं एटा वनविभाग के कुछ कर्मचारियों की लापरवाही से हरे पेड़ों को काटकर लकड़ी माफिया जंगलों का सत्यानाश कर रहे हैं। जो सरकार की चल रही बृक्षारोपण की मुहिम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
एटा में लकड़ी माफियाओं के हौसले बुलंद,वनविभाग को चुनौती
आपको बता दें कि अभी ताजा मामला एटा के थानाक्षेत्र पिलुआ के गांव नगला दीप से सामने आया है। जहां नगला दीप में महेश के प्लॉट के पास लगभग 50-60 पेड़ों पर लकड़ी माफियाओं ने आरा चला दिया है। 5 बीघा खेत में खड़े सागौन के हरे पेड़ों को रातों रात काटकर साफ कर दिया। जिसके फुटेज सुरक्षित हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन लकड़ी माफियाओं में इतनी हिम्मत आती कहाँ से है? क्या वन विभाग के कुछ कर्मचारी ही सलाहकार है? या माफियाओं की दबंगई से चल रहा है ये खेल। ये बिभगीय जांच के बाद ही पुष्टि हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने वनविभाग कर्मियों की खोली गोपनीय पोल
एक स्थानीय व्यक्ति ने गोपनीयता भंग न करने की शर्त पर बताया कि यह सागौन के पेड़ बीट प्रभारी राहुल यादव के संज्ञान में कल्लू कुरैसी , मोनू आरामशीन वाले निवासी निधौली कलां द्वारा काटे गए हैं। इस तरह अगर चलता रहा तो एक दिन पूरा क्षेत्र बृक्षविहीन हो जाएगा। इसका जिम्मेदार कौन होगा? अब देखना यह होगा कि सागौन के बृक्षों को नष्ट करने व कराने में सम्मिलित लोगों पर क्या कार्यवाही होगी। या हरे पेड़ों को नष्ट करने का खेल यूं ही चलता रहेगा।
