कासगंज, 29 मार्च 2026 (रविवार)।
कासगंज के अमांपुर तिराहे पर स्थापित उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजस्थान के पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय कल्याण सिंह की प्रतिमा को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि प्रतिमा खुले आसमान के नीचे स्थापित है और उसके ऊपर किसी प्रकार की छतरी या स्थायी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे धूप, बारिश और अन्य मौसम की मार सीधे प्रतिमा पर पड़ती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्वर्गीय कल्याण सिंह का उत्तर प्रदेश की राजनीति और जनजीवन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ऐसे में उनकी प्रतिमा का सम्मानजनक रखरखाव होना चाहिए। लोगों का मानना है कि प्रतिमा के ऊपर एक आकर्षक छतरी या शेड का निर्माण कराया जाना चाहिए ताकि उसका संरक्षण भी हो सके और उनके प्रति सम्मान भी प्रदर्शित हो।
गौरतलब है कि प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग शामिल हुए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि अनावरण के बाद प्रतिमा के रखरखाव और सौंदर्यीकरण पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए था।
बारिश के मौसम में प्रतिमा पूरी तरह भीग जाती है और तेज धूप में लगातार मौसम की मार झेलती है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते उचित व्यवस्था नहीं की गई तो प्रतिमा की सुंदरता और गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने नगर पालिका, जिला प्रशासन तथा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि अमांपुर तिराहे पर स्थापित पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की प्रतिमा के ऊपर शीघ्र एक स्थायी छतरी का निर्माण कराया जाए तथा आसपास के क्षेत्र का भी सौंदर्यीकरण किया जाए, जिससे आने वाली पीढ़ियों को उनके योगदान का सम्मानजनक संदेश मिल सके।
जनता का सवाल है—
"क्या किसी महापुरुष के सम्मान की जिम्मेदारी केवल प्रतिमा का अनावरण करने तक ही सीमित है, या उसके संरक्षण और रखरखाव की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है"



