आज पूरा देश रंगों के सबसे बड़े त्योहार होली की खुशियों में डूबा हुआ है। गली-मोहल्लों से लेकर शहरों की सड़कों तक…
ढोल-नगाड़ों की थाप, रंग-गुलाल की बौछार और लोगों के चेहरों पर खुशी की चमक साफ दिखाई दे रही है।
होली…
सिर्फ एक त्योहार नहीं है…
यह प्रेम, भाईचारे और एकता का प्रतीक है।
बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देने वाला यह पर्व हर साल लोगों को एक दूसरे के करीब लाता है।
देश के अलग-अलग हिस्सों में होली की अपनी अलग पहचान है।
कहीं फूलों की होली खेली जाती है…
कहीं लठमार होली…
तो कहीं रंगों और संगीत के साथ पूरे शहर में जश्न मनाया जाता है।
आज की इस खास रिपोर्ट में हम आपको दिखाएंगे कि कैसे देशभर में होली की धूम है…
और कैसे लोग इस त्योहार को बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ मना रहे हैं।
होली का धार्मिक और पौराणिक महत्व
होली का त्योहार भारत की प्राचीन परंपराओं से जुड़ा हुआ है।
पौराणिक कथा के अनुसार…
हिरण्यकश्यप नाम का एक असुर राजा था जो खुद को भगवान मानता था।
लेकिन उसका पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का भक्त था।
इससे क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप ने कई बार प्रह्लाद को मारने की कोशिश की।
इसी दौरान उसकी बहन होलिका, जिसे आग में न जलने का वरदान था…
प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठ गई।
लेकिन भगवान की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित बच गए…
और होलिका जलकर भस्म हो गई।
यही कारण है कि होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है…
जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
होलिका दहन की परंपरा
होली से एक दिन पहले देशभर में होलिका दहन की परंपरा निभाई जाती है।
लोग अपने मोहल्लों और चौराहों पर लकड़ियों का ढेर लगाकर अग्नि प्रज्वलित करते हैं और पूजा करते हैं।
इस दौरान लोग अपने परिवार की खुशहाली और समृद्धि की कामना करते हैं।
कई जगहों पर लोग गेहूं की बालियां और चने की फलियां भी आग में भूनते हैं और प्रसाद के रूप में बांटते हैं।
होलिका दहन का संदेश साफ है
अहंकार, अत्याचार और बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो…
अंत में जीत हमेशा अच्छाई और सत्य की ही होती है।
रंगों की होली – खुशियों का त्योहार
होलिका दहन के अगले दिन मनाई जाती है रंगों की होली।
सुबह होते ही बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी रंग-गुलाल लेकर घरों से बाहर निकल आते हैं।
ढोल की थाप पर नाचते-गाते लोग एक दूसरे को रंग लगाकर शुभकामनाएं देते हैं।
“बुरा न मानो होली है” की परंपरा के साथ लोग पुरानी नाराज़गी भूलकर गले मिलते हैं।
घरों में गुजिया, दही-बड़े, ठंडाई और कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं।
और पूरे दिन लोग एक दूसरे के घर जाकर होली की बधाई देते हैं।
कासगंज में भी दिखा होली का उत्साह
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में भी होली का त्योहार बड़े ही उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया।
सुबह से ही शहर की गलियों और बाजारों में रंगों की बौछार देखने को मिली।
बच्चे पिचकारी से रंग बरसाते नजर आए तो वहीं युवा डीजे की धुन पर जमकर नाचते दिखाई दिए।
गांधी मूर्ति चौराहा, नदरई गेट, बिलराम गेट ,शास्त्री नगर,और अन्य प्रमुख स्थानों पर लोगों ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
कासगंज में होली के मौके पर मीडिया हाउस कासगंज द्वारा एक विशेष होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में युवाओं और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के दौरान लोगों ने ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर जमकर नृत्य किया और रंगों के साथ होली का त्योहार मनाया। पूरे कार्यक्रम में भाईचारे और खुशी का माहौल देखने को मिला।
इस मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में आपसी प्रेम और सौहार्द को बढ़ाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक दूसरे को होली की बधाई दी और सुरक्षित तथा खुशहाल होली मनाने का संदेश दिया
वहीं कई सामाजिक संगठनों ने फूलों की होली का आयोजन भी किया।
इस दौरान लोगों ने एक दूसरे पर फूल बरसाकर प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया।
पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था
होली के त्योहार को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।
कासगंज जिले में जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या झगड़े की स्थिति पैदा न हो।
संवेदनशील इलाकों में पुलिस और पीएसी की टीम लगातार गश्त करती नजर आई।
एसपी और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी शहर के विभिन्न इलाकों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
प्रशासन ने लोगों से अपील की कि
होली का त्योहार शांति और सौहार्द के साथ मनाएं और किसी प्रकार की अफवाह या विवाद से दूर रहें।
बाजारों में भी दिखी रौनक
होली के मौके पर बाजारों में भी काफी रौनक देखने को मिली।
रंग-गुलाल, पिचकारी, मुखौटे और होली के सामान की दुकानों पर लोगों की भीड़ लगी रही।
मिठाई की दुकानों पर भी लोग बड़ी संख्या में खरीदारी करते नजर आए।
गुजिया, मठरी, नमकीन और ठंडाई की मांग सबसे ज्यादा रही।
व्यापारियों के अनुसार इस बार होली पर बिक्री अच्छी रही है जिससे बाजार में उत्साह का माहौल है।
सोशल मीडिया पर भी छाई होली
आज के दौर में सोशल मीडिया पर भी होली का रंग चढ़ा हुआ है।
लोग अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए होली की शुभकामनाएं दे रहे हैं।
सेल्फी और वीडियो बनाकर लोग अपने होली सेलिब्रेशन को सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं।
पर्यावरण के प्रति जागरूकता
इस बार कई सामाजिक संगठनों और स्कूलों ने प्राकृतिक रंगों से होली खेलने का संदेश भी दिया।
केमिकल वाले रंगों से त्वचा और आंखों को नुकसान हो सकता है इसलिए लोगों से हर्बल और प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करने की अपील की गई।
इसके साथ ही पानी की बचत को लेकर भी जागरूकता अभियान चलाया गया।
होली का असली संदेश
होली का असली संदेश है
नफरत को मिटाकर प्रेम और भाईचारे को बढ़ाना।
यह त्योहार हमें सिखाता है कि
जीवन में चाहे कितनी भी मुश्किलें क्यों न आएं…
हमें हमेशा खुशियों और सकारात्मकता के रंगों से जीवन को भरना चाहिए।
तो रंगों, खुशियों और भाईचारे के इस पावन पर्व पर
टाइम टीवी न्यूज़ की ओर से आप सभी को
होली की ढेर सारी शुभकामनाएं।
आप सभी सुरक्षित रहें…
स्वस्थ रहें…
और इसी तरह प्रेम और सद्भाव के साथ त्योहार मनाते रहें।




