( मीडिया हाउस )
जनपद आगरा में क्षय रोग विभाग ने टीबी से ग्रसित मजदूरों के लेबर कार्ड बनाने का निर्णय लिया है, ताकि श्रम विभाग से मिलने वाले लाभों को उन्हें दिलाया जा सकेे इसके अलावा किशोरियों की टीबी की जांच के लिए शिविर लगाने की भी तैयारी है। शिविरों के लिए तिथियां तय हो चुकी हैंे
जिले में टीबी ग्रसित मजदूरों को श्रम विभाग से लाभ दिलाने की तैयारी है । इसके लिए ऐसे मजदूरों को चिन्हित करते हुए उनके लेबर कार्ड बनाये जायेंगे और मजदूरों का टीबी के बारे में संवेदीकरण भी किया जाएगाे जिला क्षय रोग अधिकारी डा.यू. बी. सिंह ने श्रम आयुक्त को पत्र भेजकर बताया कि 26 जुलाई को मजदूरों के लेबर कार्ड बनाने के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन जिला क्षय रोग केंद्र व जिला महिला चिकित्सालय परिसर राजामंडी में किया जायेगा।
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15 जुलाई को किशोरियों की होगी टीबी की जांच :
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत किशोरियों की टीबी की जाँच के लिए 15 जुलाई को शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिला पीपीएम समन्वयक कमल सिंह ने बताया कि मिशन शक्ति, आशा ज्योति केंद्र में आने वाली किशोरियों के लिए टीबी जांच शिविर 15 जुलाई को किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि कार्ड दो प्रकार के होते हैं। जिसमें भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकल्याण बोर्ड व उत्तर प्रदेश राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड है। इसमें निर्माणधीन स्थल पर काम करने वाले मजदूरों के पास प्रमाण पत्र होना जरूरी है। जहां काम किया। वहां का मोबाइल नंबर देना होगा। पंजीकरण के लिए बैंक की पासबुक, आधार कार्ड व एक फोटो कापी की जरूरत होगी। उत्तर प्रदेश राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के लिए आवेदकों के लिए राशन कार्ड भी देना होगा।
भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड यह देगा लाभ
-शिशु हित लाभ योजना
-मातृत्व हितलाभ योजना
-बालिका मदद योजना
-संत रविदास शिक्षा सहायता छात्रवृत्ति योजना
-मेधावी छात्र पुरस्कार योजना
-कन्या विवाह सहायता योजना
-गंभीर बीमारी सहायता योजना
-निर्माण कामगार मृत्यु, विकलांगता सहायता अक्षमता पेंशन योजना
-कामगार अंतेष्ठि सहायता योजना
-महात्मा गांधी पेंशन योजना
-आवास सहायता योजना
-चिकित्सा सहायता योजना
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पहले जानें लक्षण:
खांसी आना
-टीबी सबसे ज्यादा फेफड़ों को प्रभावित करती है। इसलिए शुरुआती लक्षण खांसी आना है। पहले तो सूखी खांसी आती है, लेकिन बाद में खांसी के साथ बलगम और खून भी आने लगता है। दो हफ्ते या उससे ज्यादा समय खांसी आए तो टीबी की जांच करा लेनी चाहिए।
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पसीना आना
-पसीना आना टीबी होने का लक्षण है। मरीज को रात में सोते समय पसीना आता है। वहीं, मौसम चाहे जैसा भी हो रात को पसीना आता है। टीबी के मरीज को अधिक ठंड होने के बावजूद भी पसीना आता है।
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बुखार रहना
-जिन लोगों को टीबी होती है, उन्हें लगातार बुखार रहता है। शुरुआत में हल्का बुखार रहता है, लेकिन बाद में संक्रमण ज्यादा फैलने पर बुखार तेज होता चला जाता है।
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थकावट होना
-टीबी के मरीज की बीमारी से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है । इस कारण उसकी ताकत कम होने लगती है। मरीज के कम काम करने पर अधिक थकावट होने लगती है।
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वजन घटना
-टीबी हो जाने के बाद लगातार वजन घटने लगता है। खानपान पर ध्यान देने के बाद भी वजन कम होता रहता है। वहीं, टीबी के मरीज की खाने को लेकर रुचि कम होने लगती है।
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सांस लेने में परेशानी
टीबी हो जाने पर खांसी आती है, जिसके कारण सांस लेने में परेशानी होती है। अधिक खांसी आने से सांस भी फूलने लगती है।
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बचाव के तरीके
- दो हफ्ते से ज्यादा खांसी होने पर डॉक्टर को दिखाएं। दवा का पूरा कोर्स लें। डॉक्टर से बिना पूछे दवा बंद न करें।
-मास्क पहनें या हर बार खांसने या छींकने से पहले मुंह को पेपर नैपकिन से कवर करें।
-मरीज किसी एक प्लास्टिक बैग में थूके और उसमें फिनाइल डालकर अच्छी तरह बंद कर डस्टबिन में डाल दें। यहां-वहां नहीं थूकें।
-मरीज हवादार और अच्छी रोशनी वाले कमरे में रहे। साथ ही एसी से परहेज करें।
- पौष्टिक खाना खाएं , एक्सरसाइज व योग करें।
- बीड़ी, सिगरेट, हुक्का, तंबाकू, शराब आदि से परहेज करें।
- भीड़-भाड़ वाली और दूषित जगहों पर जाने से बचें।
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-किशोरियों के लिए टीबी जांच शिविर और क्षय रोग से ग्रसित मजदूरों के लेबर कार्ड बनाने के लिए शिविर लगाए जाएंगे। कैंपों के लिए तिथियां तय हो गई। शिविर का अधिक से अधिक पात्र लोग लाभ उठाएं।
डा.आर.सी पांडेय, सीएमओ.....
रिपोर्ट संजय सिंह कासगंज......
