पहले पीड़िता के पति की हत्या,फिर भूमाफियाओं का पीड़िता की दुकान पर कब्जा,डरी हुई पीड़िता न्याय के लिए जिलाधिकारी के पास पहुंची। - Time TV Network

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पहले पीड़िता के पति की हत्या,फिर भूमाफियाओं का पीड़िता की दुकान पर कब्जा,डरी हुई पीड़िता न्याय के लिए जिलाधिकारी के पास पहुंची।

 जनपद कासगंज,

उत्तर प्रदेश में सरकार भूमाफियाओं पर कस रही शिकंजा लेकिन भूमाफिया बिना खौफ के गरीबों की जगहों पर अबैध कब्जा करने से बाज नहीं आ रहे। ऐसे क्राइम रोकने का सरकार भले ही प्रयास कर रही है लेकिन गरीबों को भूमाफिया निशाना बनाने में कोई कसर नहीं कर रहे हैं। 

अमांपुर क्षेत्र में उस समय चर्चाएं फैल गई जब एक पीड़िता न्याय मांगने के लिए कासगंज जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची। महिला ने लिखित तहरीर जिलाधिकारी को दी। दरअसल महिला न्याय के लिए काफी इधर उधर भटकी जहां तक कि महिला ने पूर्व में थाना दिवस में भी न्याय की अपील की लेकिन गरीबों की आसानी से सुनवाई कहाँ होती है। जब थाना दिवस में न्याय मांगने के बाद न्याय नहीं मिला तो जिलाधिकारी के पास गई। 


पूरा मामला कासगंज के थाना क्षेत्र अमांपुर गांव चौपारा निवासी महिला मुन्नी देवी का है , मुन्नी देवी एक विधवा महिला है जो अनुसूचित जाति की है । पीड़िता के पति स्व0 रामखिलाड़ी के नाम बिकौरा रोड पर एक सरकारी दुकान आबंटित है। पूर्व में प्रार्थिया के पति की हत्या कर दी गई थी। पीड़िता के नाबालिग बच्चे थे, अपने परिवार की गुजर बसर करने के लिए कुछ रुपयों की आवश्यकता थी इसलिए दुकान को प्यारेलाल निबासी जारई थाना अमांपुर को किराए पर दे दी थी। जिस दुकान में प्यारेलाल गल्ला खरीद का काम करते थे।



पिछले चार माह से किरायेदार ने दुकान में ताला डाल रखा था और किराया भी नहीं दिया। जब पीड़िता ने इसकी जानकारी की तो पता चला कि उक्त प्यारे लाल ने धोखाधड़ी से दुकान को डॉ राजकुमार वर्मा निवासी नगला बरी थाना अमांपुर को बेच दी है। जबकि आबंटित सरकारी दुकान बेचने का कोई अधिकार नहीं है।

जब पीड़िता ने दुकान खाली करने को कहा तो प्यारेलाल व डॉ राजकुमार ने जातिसूचक गालियां दी ,अपमानित किया ,पीड़िता को मारपीट करने पर आमादा हो गए। और पीड़िता को भगा दिया। पहले पीड़िता ने थाना दिवस में न्याय की गुहार लगाई जब सुनबाई ना हुई तो पीड़िता आज जिलाधिकारी के पास पहुंची है। अब देखना है इस सरकार में गरीब की मदद होगी या नहीं , क्या पीड़िता को न्याय मिलेगा या यूं ही दर दर भटकने पर मजबूर रहेगी पीड़िता।


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