लोकेशन – बिलराम हाजरा नहर के पास, जनपद कासगंज
ये जो तस्वीरें आप अपनी स्क्रीन पर देख रहे हैं…
ये कोई फिल्म का सीन नहीं…
ये कोई स्टिंग ऑपरेशन की कहानी नहीं…
ये है कानून के रखवालों पर लगा सबसे बड़ा दाग…
जहाँ होना था ट्रैफिक नियमों का पालन…
जहाँ होनी थी जनता की सुरक्षा…
वहीं चल रहा था डर दिखाकर वसूली का खेल…
मामला जनपद कासगंज के बिलराम बाली हजार नहर के पास बने ट्रैफिक पुलिस चेक पोस्ट का है…
जहाँ एक पीली प्लेट नंबर DL1LAQ0839 छोटा हाथी वाहन को रोका जाता है…
लेकिन उसके बाद जो होता है… वो आपको झकझोर कर रख देगा।
पूरा खेल – कैमरे में कैद
वीडियो में साफ दिखाई देता है—
एक छोटा हाथी वाहन नहर के पास से गुजर रहा है…
ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक कॉन्स्टेबल राजेश गाड़ी को रुकवाता है…
1 गाड़ी के कागज़ चेक होते हैं
2 ड्राइविंग लाइसेंस देखा जाता है
3 आरसी – फिटनेस – परमिट – सब कुछ सही निकलता है
अब सवाल उठता है…
जब सब कुछ सही था…
तो ड्राइवर को ट्रैफिक बूथ के अंदर क्यों ले जाया गया
ट्रैफिक बूथ या वसूली का सीक्रेट रूम ?
जिस ट्रैफिक बूथ में ड्राइवर को ले जाया गया…
वो जाली से बना हुआ है…
लेकिन…
उसे फट्टों…और पुराने फ्लेक्स से इस तरह ढक दिया गया…
कि बाहर खड़ा आदमी अंदर का नज़ारा देख ही ना सके…
यानि बाहर से पारदर्शी – अंदर से गुप्त सौदेबाज़ी !
लेकिन…
कॉन्स्टेबल राजेश को क्या पता था…
कि जनता की आँख – कैमरा – सब देख रहा है।
20 हजार का चालान काट दूँगा- डर का खेल
ड्राइवर का आरोप
कॉन्स्टेबल ने कहा - 20 हजार का चालान कर दूँगा
गाड़ी खड़ी हो जाएगी
कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाओगे
एक गरीब ड्राइवर…
जिसकी रोज़ी – रोटी उसी गाड़ी से चलती है…
वो डर गया…
और फिर…
300 रुपये में कानून का सौदा हो गया !
कैमरे पर ड्राइवर का खुलासा
जब हमारी टीम ने ड्राइवर को रोका और पूछा—
तो उसने साफ कहा-
अगर मैं पैसे नहीं देता तो 20 हजार का चालान कर देते
मैं डर गया था
तीन सौ रुपये देकर गाड़ी छुड़ाई है
यानि…
चालान का डर
नौकरी का रौब
कानून का नाम
और…
नकद वसूली का खेल
सबसे बड़ा सवाल
जब सारे कागज़ सही थे तो
ड्राइवर को बूथ में क्यों ले जाया गया
बूथ को अंदर से क्यों ढका गया
कैश में पैसे क्यों लिए गए
सरकारी रसीद कहाँ है
क्या ये- अकेले कॉन्स्टेबल का खेल है ?
या
पूरी वसूली की चेन चल रही है ?
कानून के रखवाले या वसूली गैंग ?
जिस पुलिस पर जनता भरोसा करती है…
अगर वही-
डर दिखाकर पैसे वसूले…
तो जनता किसके पास जाएगी
एक तरफ…
प्रदेश में ट्रैफिक नियमों को लेकर सख्ती…
डिजिटल चालान…
ऑनलाइन सिस्टम…
और दूसरी तरफ—
कैश में 300 लेकर छोड़ देना…
ये सीधे-सीधे—
सरकार की छवि पर सवाल
पुलिस विभाग पर दाग
सिस्टम पर हमला
गरीब ड्राइवर – सबसे आसान शिकार
ना वकील
ना पहुंच
ना पहचान
बस रोज़ की कमाई…
और उसी पर—
चालान का डर दिखाकर
घूस का वार…
प्रशासन से बड़े सवाल
1- क्या इस मामले की जांच होगी ?
2- क्या कॉन्स्टेबल राजेश को लाइन हाज़िर किया जाएगा ?
3- क्या CCTV फुटेज खंगाले जाएंगे ?
4- क्या इस बूथ की सच्चाई सामने आएगी ?
अगर आज कार्रवाई नहीं हुई…
तो कल-
हर चेक पोस्ट
वसूली पोस्ट बन जाएगा।
जनता का गुस्सा – सिस्टम को चेतावनी
ये सिर्फ 300 रुपये की बात नहीं है…
ये
ईमानदार पुलिस वालों का अपमान है
ये सिस्टम को बदनाम करने की साजिश है
हमारी मांग - जनता
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो
आरोपी कॉन्स्टेबल को सस्पेंड किया जाए
ट्रैफिक बूथों की मॉनिटरिंग हो
बॉडी कैम अनिवार्य किया जाए
कैश वसूली पर पूरी तरह रोक लगे
कानून का डर दिखाकर जेब भरने वालों…
याद रखना—
अब जनता भी रिकॉर्ड करती है
कैमरा भी गवाही देता है
और…
सच छुपता नहीं – एक्सपोज़ होता है
(क्या बिलराम का ट्रैफिक बूथ घूसखोरी का अड्डा बन गया है ?
क्या 20 हजार के चालान का डर दिखाकर 300 की उगाही हो रही है ?
क्या ऐसे पुलिसकर्मी वर्दी के काबिल हैं ?
हम ये सवाल प्रशासन से पूछते रहेंगे…
क्योंकि ये लड़ाई किसी एक ड्राइवर की नहीं…
पूरे सिस्टम को साफ करने की है)



